इस हफ्ते की प्रातःकालीन सभा रवींद्रनाथ टैगोर हाउस के द्वारा संचालित की गई, जिसका विषय “अनुशासन” था। इस अवसर पर हाउस के विद्यार्थियों ने अनुशासन के महत्व को विभिन्न रूपों में प्रस्तुत किया।
सबसे पहले कालूराम ने अनुशासन पर आज का विचार प्रस्तुत किया। इसके बाद नैन्सी ने एक प्रेरणादायक कहानी सुनाई, जिससे सभी विद्यार्थियों को अनुशासन का गहरा अर्थ समझने में सहायता मिली। साक्षी ने अपनी मधुर आवाज में एक सुंदर भजन प्रस्तुत किया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके पश्चात कोमल ने अनुशासन पर एक प्रभावशाली भाषण दिया, और मनप्रीत ने कहानी के माध्यम से अनुशासन के महत्व को समझाया। वैभव ने “The Power of Discipline” पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाकर अनुशासन की शक्ति को उजागर किया। ज्योति मैडम ने अनुशासन पर अपने विचार प्रकट किए और विद्यार्थियों को इसे अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अंत में, सुनीता तलवाड़ ने अनुशासन को अपने जीवन में लागू करने के दो सरल सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि अनुशासन हमारे दिमाग की कमांडिंग शक्ति है – जैसा हम इसे निर्देश देंगे, यह वैसा ही कार्य करेगा। दूसरा, सही समय पर लिए गए निर्णय ही सफलता की कुंजी होते हैं। यदि हम सही समय पर निर्णय नहीं लेते, तो हम अवसर खो देते हैं और वह समय कभी वापस नहीं आता। उन्होंने विद्यार्थियों को यह सीख दी कि हमें हमेशा अपने दिमाग को सकारात्मक कमांड देनी चाहिए और सही समय पर निर्णय लेकर सफलता की ओर बढ़ना चाहिए।